रूस में अलवर के कफनवाड़ा गांव के MBBS स्टूडेंट अजीत चौधरी (22) की 22 दिन पहले मौत हो गई। पहले 19 दिन तक लापता छात्र रहा। लापता छात्र के परिवार में मां-बहन रो-रोकर अधमरी हो गई हैं। पहले बेटे के आने की उम्मीद में थोड़ी बहुत नींद आ गई थी। लेकिन अब बेटे का शव मिलने के बाद तो न गले से रोटी उतर रही न पानी। पूरी रात मां बिलखती रहती है। काई भी व्यक्ति मां के पास जाता है तो वो अपने बेट लाने की गुहार करती है। घर में 22 दिनों से खाना नहीं बना है। पड़ौसियों के यहां से खाना आता है वो भी गले से नीचे नहीं उतर पाता है। रूस में भारतीय दूतावास के अधिकारी भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे रहे कि छात्र का शव कब तक भारत आ सकेगा। जबकि 6 नवंबर को ही छात्र का शव मिल गया था। लेकिन अब तक पोस्टमार्टम नहीं हो सका है। मृतक छत्र के परिजनों ने न्यूयार्क में बैठे नोर्थ अमेरिका राजस्थान एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रेम भंडारी को शव लाने के लिए अधिकृत किया है। स्टॉमप पेपर पर लिखकर दिया है कि छात्र अजीत चौधरी का शव उनकी निगरानी में लेकर आया जाए। 19 अक्टूबर को लापता हुआ था अजीत चौधरी पुत्र रूप सिंह चौधरी रूस के ऊफा शहर में बश्किर स्टेट मेडिकल यूनिवर्सिटी (Bashkir State Medical University) में MBBS की पढ़ाई कर रहा था। वह थर्ड ईयर का स्टूडेंट था। कॉलेज कैंपस से कुछ ही किलोमीटर दूरी पर नदी बहती है। 19 अक्टूबर को अजीत लापता हो गया था और 20 अक्टूबर को रूस में नदी के किनारे उसके कपड़े मिले थे। उसके आधार पर माना जा रहा था कि नदी में बह गया। तब से लगातार सर्च किया जा रहा था। अब बांध में शव मिला है। शव की पहचान यूनिवर्सिटी के दूसरे छात्रों ने की। उसके बाद शव का पोस्टमॉर्टम करा भारत लाने की तैयारी शुरू कर दी। प्रेम भंडारी शव को भारत पहुंचाने के लिए दिन-रात दूतावास व वहां की पुलिस के संपर्क में हैं। डियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से खर्च राशि दिलाने का प्रयास राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका के अध्यक्ष प्रेम भंडारी ने बताया- इंडियन कम्युनिटी वेलफेयर फंड से छात्र का शव भारत पहुंचाने में होने वाले करीब 6 लाख रुपए की राशि दिलाने के प्रयास हैं। ये फंड हिंदुस्तानियों के लिए है, जो विदेश में रहते समय कोई जेल चला जाए, कोई बीमार हो जाए, मृतकों के शव पहुंचाने में काम लिया जाता है। उसके पीछे शर्त है कि वह गरीब हो। इमरजेंसी में भारतीय नागरिक के लिए फंड काम लिया जाता है। इस फंड से रूस में मृत मिले छात्र का शव लाने के प्रयास कर रहे हैं। राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका मदद करेगा भंडारी ने बताया- कम्युनिटी वेलफेयर फंड दिलाने में कोई दिक्कत आती है तो राजस्थान एसोसिएशन ऑफ नॉर्थ अमेरिका मदद करेगा। भंडारी ने कहा- वे भारतीय दूतावास के संपर्क में शुरू से हैं। परिवार ने पहले मुझसे संपर्क किया। अब मुझे शव भिजवाने के लिए मुझे अधिकृत किया है। पोस्टमॉर्टम का वीडियो भी बनवाने का प्रयास किया है। कहीं संशय है तो जांच कराएंगे। एक छात्र ने उसे धमकी दी थी। जो फोटो में हथियार सहित दिखा है। पहली प्राथमिकता है कि शव को सम्मान के साथ राजस्थान के अलवर में भिजवाया जाए। उसके बाद अन्य संशय पर जांच कराएंगे। ताकि परिवार को न्याय मिल सके।