नए संभाग व जिले खत्म करने पर कांग्रेस के हमलावर रुख पर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने पटलवार किया है। मंत्री गहलोत ने कहा कि पिछली सरकार ने 1 रूपए का भी प्रावधान इन नए जिलों के लिए नहीं किया। उन्होंने कहा था हम तो डूबेंगे ही डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे। इस वाक्य को चरितार्थ करते हुए कांग्रेस ने काम किया था। मंत्री अविनाश गहलोत ने कोटा में सैनी समाज कर्मचारी एवं अधिकारी विकास संस्था के तत्वावधान में सावित्री बाई फुले की 194 वीं जयंती पर कार्यक्रम में शिरकत के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए ये बात कहीं।
उन्होंने कहा भजनलाल शर्मा वो मुख्यमंत्री है जिन्होंने जो कहा वो सब कर दिखाया। चुनावी घोषणा पत्र के वादे 5 साल में पूरे करने होते हैं। हमने चुनावी घोषणा पत्र के 50-60 प्रतिशत वादे एक साल में पूरे कर दिए। पूर्ववर्ती भ्रष्ट कांग्रेस की सरकार के समय अव्यवहारिक निर्णय लिए गए। उनको इस बात का भजनलाल सरकार को धन्यवाद देना चाहिए कि उनके द्वारा बनाए गए 17 में से 8 जिले में रखे हैं। उसके अलावा जो जिले थे वो व्यावहारिक नहीं थे। रामलुभाया कमेटी बनी थी। कमेटी को पता भी नहीं था, मुख्यमंत्री बजट या विधानसभा में इसकी घोषणा करेंगे। रामलुभाया जी उस समय विदेश में थे। तब इसकी घोषणा हुई थी। बड़े अफसोस की बात है, राजस्थान का दुर्भाग्य है कि आचार संहिता के एक दिन पहले राजस्थान में तीन जिले बन जाना। मंत्री अविनाश ने कहा कि एक जिले को स्थापित होने में दो से ढाई हजार करोड़ की राशि लगती है। पिछली सरकार ने 1 रूपए का भी प्रावधान इन नए जिलों के लिए नहीं किया। उन्होंने कहा था हम तो डूबेंगे ही डूबेंगे सनम, तुम्हें भी ले डूबेंगे। इस वाक्य को चरितार्थ करते हुए कांग्रेस ने काम किया था। लेकिन हमारी भजनलाल सरकार ने तय कर लिया है।जिन 8 जिलों को हमने रखा है उनके लिए फाइनेंस भी देंगे, उनको स्थापित भी कर रहे हैं। अब 41 जिलों व सात संभाग का राजस्थान बना है। अगले 5 वर्षों में नया राजस्थान देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा सीएम की मंशा रही है राजस्थान विकसित राज्य बनें। इसके लिए सामाजिक अधिकारिता विभाग की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रदेश में एक करोड़ के लगभग लाभार्थी जिस विभाग से जुड़े हो। उनका जीवन स्तर सुधार कर समाज के मुख्य धारा से जोड़ने का काम भजनलाल सरकार कर रही है। पेंशन व पालनहार में भुगतान में आ रही समस्या के जुड़े सवाल पर जवाब देते हुए उन्होंने कहा पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जाते-जाते एक ऐसा कानून बनाया था कि हर साल 15 प्रतिशत राशि बढ़ेगी। लेकिन उनका फाइनेंस प्रोविजन नहीं था। सरकार को हर महीने 1000 करोड़ की राशि पेंशन पर खर्च करनी पड़ती है। उसके बाद सबसे बड़ी स्कीम पालनहार की है। आज की तारीख के 6:30 लाख से करीब बच्चे योजना से जुड़े हुए हैं। पहला बजट होने के कारण थोड़ी सी परेशानी आ रही है कुछ तकनीकी प्रॉब्लम है। जिनके बैंक खाते में गलत फीडिंग होने के कारण समय पर वेरीफाई नहीं करा पा रहे। इस कारण टेक्निकल प्रॉब्लम है। मुझे लगता है, एक दो महीने की पेंडेंसी है।समय समय पर उनका भुगतान कर दिया जाता है। हम मार्च तक इसको जीरो पेंडेंसी कर देंगे। कार्यक्रम में लाडपुरा विधायक कल्पना देवी,संदीप शर्मा, शहर अध्यक्ष राकेश जैन सहित समाज के अधिकारी-कर्मचारी व गणमान्य लोग मौजूद रहे।